दूसरा उदाहरण इण्डोनेशिया किस प्रकार बर्बाद हुआ वार्ल्ड बैंक और ई.एम.एफ संस्थो

राजीव भाई

इण्डोनेशिया में स्थिर्ता है और पिछले 35 वर्ष से एक ही राष्ट्रपति बनता चला  आ रहा है, तो क्यों डूबा इण्डोनेशिया ?

ऐसे ही मैं दूसरा उदाहरण आपसे शेयर करना चाहता हूँ इण्डोनेशिया का, इण्डोनेशिया वो देश है जहाँ स्थायी सरकार है। पिछले 40-45 वर्षो से बहुत लोगों को बहुत गलतफहमी है इस देश में कि हमारे यहाँ चूँकि राजनीतिक अस्थिर्ता अधिक है इसलिये इस देश में समस्यायें अधिक हैं। मैं इस गलतफहमी को दूर करना चाहता हूँ। इण्डोनेशिया में पिछले 45 वर्ष से भयंकर स्थिर्ता है और पिछले 35 वर्ष से एक ही राष्ट्रपति बनता चला  आ रहा है 'सुकर्णो '  7 बार वो राष्ट्रपति बन चुका है और 5 वर्ष का एक कार्यकाल होता है और 35 वर्ष से वो राष्ट्रपति है अभी 8 वीं बार फिर चुन लिया गया है अभी हफ्ते भर पहले । तो दक्षिण कोरिया के बारे में तो हम कह सकते हैं कि वहाँ अस्थिर्ता थी सरकार बदलती रही है ये बात सही है। पिछले 7 वर्ष में दक्षिण कोरिया में 4-5 सरकार बदली लेकिन इण्डोनेशिया में तो पिछले 35 वर्ष से एक ही व्यकित राष्ट्रपति बनता रहा है और उसी की सरकार पिछले 35 वर्ष से चल रही है और 8 वीं बार वो फिर राष्ट्रपति बन गया है। तो भयंकर स्थिर्ता थी तो क्यों डूबा इण्डोनेशिया? इण्डोनेशिया की सरकार को भी यही प्रिसिक्रप्शन मिला था IMF की ओर से कि आप एक काम करिये अपनी मुद्रा का अवमूल्यन करना शुरू कर दीजिये आपका निर्यात बहुत बढ़ जायेगा और जब निर्यात बहुत बढ़ जायेगा तो डालर्स बहुत आयेंगे आपके पास, आपके पास विदेशी मुद्रा भण्डार बहुत अच्छे हो जायेंगे वगैरह-वगैरह, और आप Export oriented के मार्ग पर चलना शुरु कर देंगे। 

इण्डोनेशिया की सरकार ने पूरी ईमानदारी से इसे पालन करना शुरु कर दिया, तो इण्डोनेशिया में जब ग्लोबलाईजेशन शुरु हुआ था उस समय उनकी जो मुद्रा थी इण्डोनेशिया की मुद्रा है रुपइया, हमारी मुद्रा है रुपया, तो इण्डोनेशिया की जो मुद्रा है रुपइया वो एक डालर में 40 रुपइया होता था जब ग्लोबलाईजेशन शुरु हुआ था फिर उसके बाद क्या हुआ दना-दन मुद्रा का अवमूल्यन करना शुरु कर दिया, IMF का यह प्रिसिक्रप्शन था कि जितना अधिक आप अवमूल्यन करेंगे उतना निर्यात सस्ता हो जायेगा और माल आपका बिकता चला जायेगा। तो अवमूल्यन करते-करते कहाँ तक ले आये आप कल्पना कर सकते हैं इस समय इण्डोनेशिया में 1 डालर में 17000 रुपइया मिलता है उन्होंने रिकार्ड तोड़ अवमूल्यन किया अपनी मुद्रा का और इस आशा में कि चला इस वर्ष हमारा निर्यात बढ़ेगा इस वर्ष नहीं तो अगले वर्ष बढ़ेगा फिर अगले वर्ष बढ़ेगा फिर अगले वर्ष बढ़ेगा, तो 7 वर्ष से वो सपना देखते आये हैं कि अब देखो निर्यात बढ़ गया अब देखो निर्यात बढ़ गया और इस समय स्थिति ये है इण्डोनेशिया की का निर्यात पूरी तरह से ठप्प है और अब इण्डोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो साहब ने कह दिया कि हमने अपने जीवन में भयंकर भूल की जो IMF के कहने पर ग्लोबलाईजेशन चालू किया अपने देश में, ये इण्डोनेशिया के राष्ट्रपति का वक्तव्य है। 

इण्डोनेशिया के राष्ट्रपति ने शपथ लेने के बाद क्या भाषण दिया है  ?

राष्ट्रपति ने शपथ लेने के बाद जो भाषण दिया है इण्डोनेशिया के संसद में वो शब्द ये हैं कि हमने भयंकर भूल की हैं जो IMF के कहने पर ग्लोबलाईजेशन अपने देश में चालू किया है। परिणाम क्या निकले हैं इण्डोनेशिया भी पूरी तरह से डूब चुका है और वहाँ की सरकार भी कह रही है कि अब इस देश को वापस खड़ा करने में कम से कम 15 से 20 वर्ष लग जायेंगे। इण्डोनेशिया की समाचारें भारत में करीब-करीब रुकी हुई हैं क्योंकि हमारे देश के समाचार पत्रों अभी इतनी चेतना का स्तर नहीं उठ पाया है कि जिन देशों में ये दुर्घटनायें हो रही हैं उनका कवरेज ठीक से करें कभी एकाध घटनायें आ जाती हैं छिटपुट। 
जैसे अभी परसों मैं देख रहा था एक फोटोग्राफ है इण्डोनेशिया का, पुलिस लाठी चार्ज कर रही है और किसानो का भयंकर प्रदर्शन हो रहा है संसद के बाहर, तो सेना खड़ी है तोप लेकर, वो फोटोग्राफ मैने देखा एक समाचार पत्र में समाचार क्या है समाचार नहीं है समाचार का बस ब्लाक आउट किया गया है और लिख दिया गया है कि आर्थिक लिब्रलाईजेशनई के बाद वहाँ जो गरीबी बढ़ी है, बेरोजगारी हुई है और लोगों में जो निर्धनता उत्पन्न हुई है उसके कारण मारा-मारी हो रही है संसद के सामने प्रदर्शन होते हैं पुलिस का लाठी चार्ज होता है प्रतिदिन आर्मी अपने डण्डे बरसाती है बंदूकें चलती हैं और लोग प्रतिदिन मरते हैं उसका एक नमूना है।


Nov 26, 2013


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         राजीव भाई द्वारा बताये गये राजनैतिक व्यवस्था परिवर्तन पर चिंतन समारोह 

      हम सभी राजीव भाई से जुड़े हैं, कोई उन्हें अपना गुरु मानता है, कोई अपना आदर्श मानता है, कोई नेता मानता है और कोई सखा   मानता है | लेकिन हम सब उनके विचारों से ओतप्रोत होकर अपने-   अपने सामर्थ्य और प्रतिभा के हिसाब से उनके विचारों के आधार   पर भारत को नवनिर्मित करने का सपना देखते हैं और लगे भी रहते हैं | 
     राजीव भाई को देह छोड़े आठ वर्ष हो गए हैं | इन आठ वर्षों में राजीव भाई को सुनने वाले, उन्हें समझने वाले और उनके बताये नियमों   को अपनाने वालों की संस्था 10 करोड़ से ऊपर है | लेकिन यह   10 करोड़ की संख्या संगठित नहीं है | इसलिए दिखाई नहीं देती |
     सेवाग्राम, वर्धा उनकी कर्मभूमि रही है | 1997 से लेकर 2008 तक राजीव भाई ने यहीं से अपना स्वदेशी विचारों का रथ पूरे देश में   घुमाया, हजारों व्याख्यान किये और स्वदेशी के विचार पर देश   को  नवनिर्मित करने का स्वप्न दिखाया |
     आज पूरे देश में राजीव भाई के विचारों पर आधारित गुरुकुल खुल रहे हैं गौशालायें खुल रही हैं, विष मुक्त कृषि हो रही हैं, व्यवस्था   परिवर्तन के लिए राजनैतिक पहल भी हो रही है यानी राजीव   भाई  ने जिन विषयों पर व्यवस्था परिवर्तन की बात कही है | उन सभी   विषयों पर अलग - अलग ढंग से कार्य चल रहा है और यह कार्य आगे लगातार बढ़ता ही जायेगा इस तरह के हजारों प्रयोग और   भी   होते ही रहेंगे |
     हमारी कोशिश है की उन सभी को एक दिशा दी जा सके ताकि भविष्य में राजीव भाई के विचारों को एक समग्रता दी जा सके और   भविष्य के भारत को गढ़ने में हमारी भी भूमिका हो |
     दिल्ली और पश्चिमी उ. प्र. के कुछ साथियों ने राजीव भाई के विचारों के आधार पर एक राजनैतिक पहल की शुरुआत की है | राजीव   भाई के व्यवस्था परिवर्तन के विचारों को स्वीकार करने वाले   सभी  दलों में हैं | राजीव भाई के साथ काम करने वाले काफी लोग अलग -अलग दलों में भी चले गए काफी लोग आम आदमी पार्टी में गये हैं, कुछ भाजपा में गये हैं और कुछ अन्य छोटी - छोटी   पार्टियां बनाकर   कुछ - कुछ करते रहते हैं या करना चाहते हैं |
     हम सभी अच्छी तरह से जानते हैं की अपने अंतिम समय में राजीव भाई ने 'भारत स्वाभिमान' बनवाकर व्यवस्था परिवर्तन के लिए एक   बड़ा दल खड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी थी लेकिन नीयति   को शायद मंजूर नहीं था उनका सपना अधूरा ही रह गया | अब कुछ   साथी उस पहल को फिर से एक नए सिरे से शुरू करना चाहते हैं |
     ऐसे ही कुछ साथियों का एक सम्मेलन सेवाग्राम में हो रहा है | 26 -27 जनवरी को...
     इन सभी कार्यक्रमों को राजीव भाई के पूज्य माता जी एवं पिताजी का आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है | माता जी और पिताजी   ने सभी राजीववादियों से एक जुट होकर राजीव भाई के   सपनों  को पूरा करने का आव्हाहन किया है | 
          आप सभी आमंत्रित हैं | 
     राजीव दीक्षित संस्था,
     10 जोतवानी ले आऊट 
     सेवाग्राम वर्धा रोड, सेवाग्राम ,वर्धा (महाराष्ट्र)
     पंजीकरण के लिए संपर्क करें- 6307329201 /8861631115 /8380027017 /7774069692 

     स्थल : स्वदेशीग्राम, सेवाग्राम, वर्धा (महाराष्ट्र )

     आप सभी क्रान्तिवीर राजीव दीक्षित जी के सपनो को पूरा करने का संकल्प लेने वर्धा पहुंच रहे है या इस महासंकल्प को धारण कर   रहे  है । आप सब से निवेदन है इस महायज्ञ की व्यवस्था में तन,मन, आत्मा के साथ अर्थ भी महत्वपूर्ण है और यह व्यवस्था हम सब   क्रान्तिवीर  भाइयों को मिलकर ही करनी है अतः आप सब 200/-रुपये अर्थ का सहयोग करे, इस सहयोग में आपकी सदस्यता   सहयोग भी  सम्मिलत माना जायेगा.....वंदेमातरम