शुरू हुए नि:शुल्क स्वदेशी चिकित्सा शिविर



बवासीर
, अर्थराइटिस, डायबिटीज, मोटापा, कमर मे दर्द, घुट्नो मे दर्द, पीलिया और ह्रदय संबंधित गंभीर बीमारियों का होता है आसान इलाज!

राजीव भार्इ ने स्वदेशी चिकित्सा के ऊपर कई व्याख्यान दिये हैं जिन्हें सुनकर रोगी स्वयं ही अपने रोगों को ठीक कर सकता है । इन व्याख्यानों में चेन्नर्इ महानगर में दिये गये आठ व्याख्यानों का प्रचार-प्रसार सबसे अधिक हो रहा है इन व्याख्यानों के आधार पर ट्रस्ट द्वारा स्वदेशी चिकित्सा के शिविरों (कैम्पों) का आयोजन किया जा रहा है। अभी तक जलगाँव, सूरत, दिवा, गांधीधाम, दिल्ली, अंकलेश्वर, अहमदाबाद आदि नगरों में 7 शिविरों का आयोजन हो चुका है आगामी दिनों में कुल 80 शिविरों के लिये आवेदन आ चुके हैं ।



दो दिवसीय चिकित्सा शिविरों में कुल 4 व्याख्यान होते हैं जो मुख्यत: शरीर विज्ञान और शरीर में होने वाले रोगों, उनके कारणों एवं उनके निदान पर आधारित होते हैं । इन व्याख्यानों में 'भाभा एटामिक रिसर्च सेन्टर मुम्बई' के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक श्री आर. एन. वर्मा जी 'राजीव भाई' द्वारा बताये गये 'महर्षि वागभट्ट' के सूत्रों का वैज्ञानिक विश्लेषण करते हैं एवं शरीर-क्रिया विज्ञान के आधार पर रोगों का तर्कपूर्ण विवेचन प्रस्तुत करते हैं। शिविर में 4 चिकित्सकों की एक टीम भी रहती है जो रोगियों का परीक्षण करके उनके रोगों के आधार पर उन्हें परामर्श प्रदान करती है । प्रत्येक शिविर में लगभग 400 से 600 रोगियों को नि:शुल्क चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया जाता है ।

प्रथम व्याख्यान में स्वदेशी चिकित्सा शिविरों के आयोजन का उद्देश्य स्पष्ट किया जाता है, द्वितीय व्याख्यान में पानी पीने के सही नियम के बारे में बताया जाता है, तृतीय व्याख्यान में गलत खान-पान के कारण होने वाले रोगों व उनके निदान के विषय में बताया जाता है एवं चतुर्थ व्याख्यान में वर्तमान में सर्वाधिक होने वाले रोगों के ऊपर विशेष जानकारी दी जाती है ।



आप भी अपने नगर गांव में इस तरह के शिविर आयोजित करा सकते हैं आयोजन के कुछ आवश्यक निर्देश -


1
. स्वदेशी चिकित्सा शिविरों के लिये रोगियों का पंजीकरण ट्रस्ट द्वारा दिये गये फार्म पर ही करना होगा ।

2. रोगी का पंजीकरण नि:शुल्क है लेकिन उसे ट्रस्ट का पंजीकरण कराना होगा, ट्रस्ट का पंजीकरण ही रोगी का पंजीकरण है । 

3. ट्रस्ट के पंजीकरण में उसे हमेशा नि:शुल्क चिकित्सा परामर्श मिलता रहेगा ।



4. शिविर के आयोजन के लिये धर्मशाला, पंडाल, स्कूल या मंदिर का प्रांगण भी ले सकते हैं ।

5. चिकित्सा शिविरों में कब्जियत, एसिडिटी, उच्च रक्तचाप, निम्न रक्तचाप, पाइल्स, अर्थराइटिस, डायबिटीज,मोटापा, अस्थमा, सायनस, थायराइड, चर्मरोग और ह्रदय रोग जैसी असाध्य रोगों पर ही मार्गदर्शन मिलेगा ।

6. शिविर के प्रचार-प्रसार के लिये पैम्पलेट, पोस्टर,बैनर, पंजीकरण फार्म का नमूना ट्रस्ट के कार्यालय द्वारा प्रदान किया जायेगा, स्थानीय आयोजक उसमें अपना नाम जोड़ सकते हैं ।



7. शिविर के लिये आने वाले 4 वैद्यों, 2 व्याख्यानकर्ता और 2 सहायकों के भोजन आवास और आवागमन की व्यवस्था आयोजकों को करनी होगी ।

8. दो दिवसीय शिविर में 4 व्याख्यान होते हैं सुबह 10-12 बजे तक और शाम 6-8 बजे तक, इसके बीच के समय में OPD में रोगियों को परामर्श दिया जाता है, उन व्याख्यानों में सभी पंजीकृत रोगियों का रहना अनिवार्य है रोगियों के अलावा सामान्य व्यक्ति भी व्याख्यान में आ सकते हैं, लेकिन OPD में केवल पंजीकृत रोगियों को ही परामर्श दिया जायेगा ।

9. शिविर के आयोजन से पहले कम से कम 1000-2000 सीडियों का वितरण आपके नगर या गांव में होना चाहिये ताकि शिविर में आने वाले रोगियों को विषयवस्तु की जानकारी हो ।  


10. शिविर के आयोजन के लिये निम्न फोन नंबरों पर सम्पर्क कर सकते हैं -08380027016 ,व्हाट्स एप : 8380027017,
ई मेल : rajivdixitmemorialtrust@gmail.com
       शिविरों में श्री आर. एन. वर्माजी के द्वारा व्याख्यान दिए जाते हैं |




Oct 01, 2016


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स्वदेशीमय भारत ही, हमारा अंतिम लक्ष्य है |

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         राजीव भाई द्वारा बताये गये राजनैतिक व्यवस्था परिवर्तन पर चिंतन समारोह 

      हम सभी राजीव भाई से जुड़े हैं, कोई उन्हें अपना गुरु मानता है, कोई अपना आदर्श मानता है, कोई नेता मानता है और कोई सखा   मानता है | लेकिन हम सब उनके विचारों से ओतप्रोत होकर अपने-   अपने सामर्थ्य और प्रतिभा के हिसाब से उनके विचारों के आधार   पर भारत को नवनिर्मित करने का सपना देखते हैं और लगे भी रहते हैं | 
     राजीव भाई को देह छोड़े आठ वर्ष हो गए हैं | इन आठ वर्षों में राजीव भाई को सुनने वाले, उन्हें समझने वाले और उनके बताये नियमों   को अपनाने वालों की संस्था 10 करोड़ से ऊपर है | लेकिन यह   10 करोड़ की संख्या संगठित नहीं है | इसलिए दिखाई नहीं देती |
     सेवाग्राम, वर्धा उनकी कर्मभूमि रही है | 1997 से लेकर 2008 तक राजीव भाई ने यहीं से अपना स्वदेशी विचारों का रथ पूरे देश में   घुमाया, हजारों व्याख्यान किये और स्वदेशी के विचार पर देश   को  नवनिर्मित करने का स्वप्न दिखाया |
     आज पूरे देश में राजीव भाई के विचारों पर आधारित गुरुकुल खुल रहे हैं गौशालायें खुल रही हैं, विष मुक्त कृषि हो रही हैं, व्यवस्था   परिवर्तन के लिए राजनैतिक पहल भी हो रही है यानी राजीव   भाई  ने जिन विषयों पर व्यवस्था परिवर्तन की बात कही है | उन सभी   विषयों पर अलग - अलग ढंग से कार्य चल रहा है और यह कार्य आगे लगातार बढ़ता ही जायेगा इस तरह के हजारों प्रयोग और   भी   होते ही रहेंगे |
     हमारी कोशिश है की उन सभी को एक दिशा दी जा सके ताकि भविष्य में राजीव भाई के विचारों को एक समग्रता दी जा सके और   भविष्य के भारत को गढ़ने में हमारी भी भूमिका हो |
     दिल्ली और पश्चिमी उ. प्र. के कुछ साथियों ने राजीव भाई के विचारों के आधार पर एक राजनैतिक पहल की शुरुआत की है | राजीव   भाई के व्यवस्था परिवर्तन के विचारों को स्वीकार करने वाले   सभी  दलों में हैं | राजीव भाई के साथ काम करने वाले काफी लोग अलग -अलग दलों में भी चले गए काफी लोग आम आदमी पार्टी में गये हैं, कुछ भाजपा में गये हैं और कुछ अन्य छोटी - छोटी   पार्टियां बनाकर   कुछ - कुछ करते रहते हैं या करना चाहते हैं |
     हम सभी अच्छी तरह से जानते हैं की अपने अंतिम समय में राजीव भाई ने 'भारत स्वाभिमान' बनवाकर व्यवस्था परिवर्तन के लिए एक   बड़ा दल खड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी थी लेकिन नीयति   को शायद मंजूर नहीं था उनका सपना अधूरा ही रह गया | अब कुछ   साथी उस पहल को फिर से एक नए सिरे से शुरू करना चाहते हैं |
     ऐसे ही कुछ साथियों का एक सम्मेलन सेवाग्राम में हो रहा है | 26 -27 जनवरी को...
     इन सभी कार्यक्रमों को राजीव भाई के पूज्य माता जी एवं पिताजी का आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है | माता जी और पिताजी   ने सभी राजीववादियों से एक जुट होकर राजीव भाई के   सपनों  को पूरा करने का आव्हाहन किया है | 
          आप सभी आमंत्रित हैं | 
     राजीव दीक्षित संस्था,
     10 जोतवानी ले आऊट 
     सेवाग्राम वर्धा रोड, सेवाग्राम ,वर्धा (महाराष्ट्र)
     पंजीकरण के लिए संपर्क करें- 6307329201 /8861631115 /8380027017 /7774069692 

     स्थल : स्वदेशीग्राम, सेवाग्राम, वर्धा (महाराष्ट्र )

     आप सभी क्रान्तिवीर राजीव दीक्षित जी के सपनो को पूरा करने का संकल्प लेने वर्धा पहुंच रहे है या इस महासंकल्प को धारण कर   रहे  है । आप सब से निवेदन है इस महायज्ञ की व्यवस्था में तन,मन, आत्मा के साथ अर्थ भी महत्वपूर्ण है और यह व्यवस्था हम सब   क्रान्तिवीर  भाइयों को मिलकर ही करनी है अतः आप सब 200/-रुपये अर्थ का सहयोग करे, इस सहयोग में आपकी सदस्यता   सहयोग भी  सम्मिलत माना जायेगा.....वंदेमातरम