स्वदेशी चिकित्सा भाग 1

स्वदेशी चिकित्सा घरेलू तरीकॉं से स्वस्थ रहने की कला महान ऋषि वागभटट द्वारा रचित अष्टांगह्रदयम पर आधारित यह किताब बीमारीओं से पहले स्वस्थ रहने के नियमों पर विशेष जानकारी देती हैं । अलग - अलग मॉसमों में किस तरह का खान-पान होना चाहिए । इसकी जानकारी मिलती हैं । अपने शरीर में वात, पित्त, कफ की स्थिति को जानते हुए किस तरह का खाना लेना हैं इसकी जानकारी ले सकते हैं । और पानी पिनें के नियमों की जानकारी मिलती हैं ।

स्वदेशी_चिकित्सा_भाग_1 पीडीएफ_कापी

स्वदेशी चिकित्सा भाग-२

स्वदेशी चिकित्सा भाग-३

स्वदेशी चिकित्सा भाग-४

Aug 27, 2014


Join WhatsApp : 7774069692
स्वदेशीमय भारत ही, हमारा अंतिम लक्ष्य है |

मुख्य विषय main subjects

     

    आने वाले कार्यक्रम आने वाले कार्यक्रम

      और...




       Share on Facebook   


       
       स्थान : नई कृषि उपज मंडी,

                 सराईपाली,
     
          जि : महासमुंद , 

                 छत्तीसगढ़

                                   24 मार्च 

         10 : 00  से     11 : 00   उद्घाटन सत्र 

          11 : 00  से     01 : 00  स्वास्थ्य कथा { व्याख्यान }

          02 : 00 से     06 : 00  चिकित्सा परामर्श {0pd }

                                      25 मार्च 

          11 : 00  से     01 : 00   स्वास्थ्य कथा { व्याख्यान }

          02 : 00 से     06 : 00   चिकित्सा परामर्श {0pd }

                                      26 मार्च 

          11 : 00  से     01 : 00  स्वास्थ्य कथा { व्याख्यान }

          02 : 00 से     06 : 00  चिकित्सा परामर्श {0pd }
      
       संपर्क :  07152 - 260040 , 9752187312 {11 से 06 बजे तक , रविवार अवकाश }

          आप सभी इस शिविर का लाभ जरूर लें ...