पुस्तक संग्रह





बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा भारत की लूट - विकास और आधुनिकता के नाम पर बहुराष्ट्रीय कम्पनियों ने भारत को पिछ्ले ५० सालों में कितना लूटा है इसकी जानकारी दी गई है । शून्य तकनिकी, विदेशी पूंजी, विदेशी तकनिकी के नाम पर सरकार को किस तरह इन कम्पनियों ने चूना लगाया है । यह सब आंकडो के साथ इस किताब में दिया गया है । यह किताब राजीव भाई की पहली किताब है और १९९२ में लिखी गई थी ।


बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का असली चेहरा - दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय कम्पनियां किस तरह के अत्याचार करती है । उनकी विस्तृत जानकारी दी गई है । अपना व्यापारिक साम्राज्य बढाने के लिए यह कम्पनियां कुछ भी कर सकती है । सरकारों को गिराना इनके बायें हाथ का खेल है । अपने हिसाब से कानून बनवाकर यह कम्पनियां सभी देशों में लूट का तन्त्र बनाती रहती है और अकूत धन संपदा का दोहन करती है ।

गौमाता पंचगव्य चिकित्सा
गौमाता पंचगव्य चिकित्सा - गौबर, गौमुत्र आधरित दवाईयां बनाने की विधि एवं रोग निदान, पंचगव्य से कई तरह की बीमारियों का सफल इलाज होता हैं । धीरे - धीरे पंचगव्य चिकित्सा चलन में आ रही हैं । गौमूत्र अर्क से और उससे बनने बाली कई तरह की दवाओं से बीमारियों से मुक्ति पा सकते है । साथ ही गौ-वंश की उपयोगिता भी बनी रहती है ।

स्वदेशी चिकित्सा भाग-४
गंभीर रोगों की घरेलू चिकित्सा के रुप में शरीर में होने वाली प्रमूख बीमारियों के कुछ घरेलू नुस्खे दिए हुए हैं । जिन के आधार पर हम घर बैठे उन बीमारीयों का सरल इलाज कर सकते हैं । उसके बाद भी अगर तक्लीफ रहे तो वैद्य से परामर्श कर के बीमारी का इलाज करवा सकते है ।

स्वदेशी चिकित्सा भाग-३
स्वदेशी चिकित्सा घरेलू तरीकॉं से स्वस्थ रहने की कला महान ऋषि वागभटट द्वारा रचित अष्टांगह्रदयम पर आधारित यह किताब बीमारी से पहले स्वस्थ रहने के नियमों पर विशेष जानकारी देती हैं । इसके अलावा किस बीमारी में किस तरह की आयुर्वेदिक औषधियों का प्रयोग करना हैं । कि जानकारी मिलती है।

स्वदेशी चिकित्सा भाग-२
स्वदेशी चिकित्सा घरेलू तरीकॉं से स्वस्थ रहने की कला महान ऋषि वागभटट द्वारा रचित अष्टांगह्रदयम पर आधारित यह किताब बीमार होने के बाद किस तरह हम उन बीमारियों का इलाज कर सकते हैं । इसकी जानकारी मिलती हैं । अलग - अलग तरह से औषघियां बनाना, क्वाथ बनाना और आयुर्वेद औषघियों के बारे में जानकारी देती है । शल्य चिकित्सा को छोड्कर लगभग सभी बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती हैं ।

स्वदेशी चिकित्सा भाग-१
स्वदेशी चिकित्सा घरेलू तरीकॉं से स्वस्थ रहने की कला महान ऋषि वागभटट द्वारा रचित अष्टांगह्रदयम पर आधारित यह किताब बीमारीओं से पहले स्वस्थ रहने के नियमों पर विशेष जानकारी देती हैं । अलग - अलग मॉसमों में किस तरह का खान-पान होना चाहिए । इसकी जानकारी मिलती हैं । अपने शरीर में वात, पित्त, कफ की स्थिति को जानते हुए किस तरह का खाना लेना हैं इसकी जानकारी ले सकते हैं । और पानी पिनें के नियमों की जानकारी मिलती हैं ।

७_स्वदेशी चिकित्सा भाग - ४
गंभीर रोगों की घरेलू चिकित्सा के रुप में शरीर में होने वाली प्रमूख बीमारियों के कुछ घरेलू नुस्खे दिए हुए हैं । जिन के आधार पर हम घर बैठे उन बीमारीयों का सरल इलाज कर सकते हैं । उसके बाद भी अगर तक्लीफ रहे तो वैद्य से परामर्श कर के बीमारी का इलाज करवा सकते है ।

६_स्वदेशी चिकित्सा भाग - ३
स्वदेशी चिकित्सा घरेलू तरीकॉं से स्वस्थ रहने की कला महान ऋषि वागभटट द्वारा रचित अष्टांगह्रदयम पर आधारित यह किताब बीमारी से पहले स्वस्थ रहने के नियमों पर विशेष जानकारी देती हैं । इसके अलावा किस बीमारी में किस तरह की आयुर्वेदिक औषधियों का प्रयोग करना हैं । कि जानकारी मिलती है।

५_स्वदेशी चिकित्सा भाग-२
स्वदेशी चिकित्सा घरेलू तरीकॉं से स्वस्थ रहने की कला महान ऋषि वागभटट द्वारा रचित अष्टांगह्रदयम पर आधारित यह किताब बीमार होने के बाद किस तरह हम उन बीमारियों का इलाज कर सकते हैं । इसकी जानकारी मिलती हैं । अलग - अलग तरह से औषघियां बनाना, क्वाथ बनाना और आयुर्वेद औषघियों के बारे में जानकारी देती है । शल्य चिकित्सा को छोड्कर लगभग सभी बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती हैं ।

३_सरकारों ने दिया है विदेशी कम्पनियों...
सरकारों ने दिया है विदेशी कम्पनियों को देश को लूटने का लाइसेंस - भारत में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के लिए लाल कालीन बिछाना और उन्हें विकास के नाम पर भारतीय संसाधनों को लूटने की खूली छूट हमारी सरकारें ही देती है । प्राकृतिक संसाधनों को भ्रष्ट बनाकर भारत का पैसा विदेशो में ले जाने की पाइपलाइन इन कम्पनियों ने बना रखी है । यह सब विस्तृत जानकारी दी गई है ।

२_बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा भारत...
बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा भारत की लूट - विकास और आधुनिकता के नाम पर बहुराष्ट्रीय कम्पनियों ने भारत को पिछ्ले ५० सालों में कितना लूटा है इसकी जानकारी दी गई है । शून्य तकनिकी, विदेशी पूंजी, विदेशी तकनिकी के नाम पर सरकार को किस तरह इन कम्पनियों ने चूना लगाया है । यह सब आंकडो के साथ इस किताब में दिया गया है । यह किताब राजीव भाई की पहली किताब है और १९९२ में लिखी गई थी ।

१_बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का असली...
बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का असली चेहरा - दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय कम्पनियां किस तरह के अत्याचार करती है । उनकी विस्तृत जानकारी दी गई है । अपना व्यापारिक साम्राज्य बढाने के लिए यह कम्पनियां कुछ भी कर सकती है । सरकारों को गिराना इनके बायें हाथ का खेल है । अपने हिसाब से कानून बनवाकर यह कम्पनियां सभी देशों में लूट का तन्त्र बनाती रहती है और अकूत धन संपदा का दोहन करती है ।

सरकारों ने दिया है विदेशी कम्पनियों...
सरकारों ने दिया है विदेशी कम्पनियों को देश को लूटने का लाइसेंस - भारत में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के लिए लाल कालीन बिछाना और उन्हें विकास के नाम पर भारतीय संसाधनों को लूटने की खूली छूट हमारी सरकारें ही देती है । प्राकृतिक संसाधनों को भ्रष्ट बनाकर भारत का पैसा विदेशो में ले जाने की पाइपलाइन इन कम्पनियों ने बना रखी है । यह सब विस्तृत जानकारी दी गई है ।

भारत में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों की...
भारत में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों की लूट - विकास और आधुनिकता के नाम पर बहुराष्ट्रीय कम्पनियों ने भारत को पिछ्ले ५० सालों में कितना लूटा है इसकी जानकारी दी गई है । शून्य तकनिकी, विदेशी पूंजी, विदेशी तकनिकी के नाम पर सरकार को किस तरह इन कम्पनियों ने चूना लगाया है । यह सब आंकडो के साथ इस किताब में दिया गया है । यह किताब राजीव भाई की पहली किताब है और १९९२ में लिखी गई थी ।

बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का असली...
बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का असली चेहरा - दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय कम्पनियां किस तरह के अत्याचार करती है । उनकी विस्तृत जानकारी दी गई है । अपना व्यापारिक साम्राज्य बढाने के लिए यह कम्पनियां कुछ भी कर सकती है । सरकारों को गिराना इनके बायें हाथ का खेल है । अपने हिसाब से कानून बनवाकर यह कम्पनियां सभी देशों में लूट का तन्त्र बनाती रहती है और अकूत धन संपदा का दोहन करती है ।

गौ-गौवंश पर आधारित स्वादेशी कृषि
गौ-गौवंश पर आधारित स्वादेशी कृषि - खेती और गांव को समृध्द बनाने के लिए गौबर, गौमूत्र द्वारा स्वदेशी कृषि के तरीके, स्वदेशी कृषि यानि जैविक कृषि यानी पारम्परिक खेती आज रसायनिक खादों और कीटनाशकों के कारण बंजर होती खेती और अधिक लागत वाली खेती को रोकने के लिए गौबर, गाय और गौमूत्र पर आधरित खेती की जानकारी दी गई है ।

गौमाता पंचगव्य चिकित्सा
गौमाता पंचगव्य चिकित्सा - गौबर, गौमुत्र आधरित दवाईयां बनाने की विधि एवं रोग निदान, पंचगव्य से कई तरह की बीमारियों का सफल इलाज होता हैं । धीरे - धीरे पंचगव्य चिकित्सा चलन में आ रही हैं । गौमूत्र अर्क से और उससे बनने बाली कई तरह की दवाओं से बीमारियों से मुक्ति पा सकते है । साथ ही गौ-वंश की उपयोगिता भी बनी रहती है ।

विश्व व्यापार संगठन (WTO) समझौता (गुलामी...
विश्व व्यापार संगठन (WTO) समझौता (गुलामी और लूट का दस्तावेज), इस किताब में दिया है की WTO का समझौता हमारे गले में फांसी के फंदे जैसा है । २००४ के बाद से हमारी अर्थव्यवस्था सरकारों के हाथ में नहीं हैं । बल्कि बाजारु शक्तियों के हाथ में है । हमारी नीतियां, हमारे भाव, हमारे निर्णय, हम नहीं करते बल्कि बाजारु शक्तियां करवाती हैं ।





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     स्थान : मुरलीधर विद्या मंदिर,

               अलारसा,

        ता :  बोरसद ,

       जि :  आनंद -388543 ,

                गुजरात 

                                19 अगस्त
     
        सुबह  10 :00  से  12 : 00 बजे तक विद्यार्थियोंके लिए व्याख्यान 

                               (प्रदीप भाई दीक्षित जी के द्वारा )

        सुबह  10 : 00 से  12 : 00 बजे तक चिकित्सा परामर्श (opd)

       दोपहर 01 : 00  से शाम  04 : 30 बजे तक  चिकित्सा परामर्श (opd)

       शाम   06 : 00   से रात   08 : 00 बजे तक वैद्य द्वारा स्वास्थ्य पर व्याख्यान 

                                   20 अगस्त 

       सुबह  10 :00 से  12 : 00 बजे तक वैद्य द्वारा स्वास्थ्य पर व्याख्यान

       सुबह  10 : 00 से 12 : 00 बजे तक चिकित्सा परामर्श (opd)

      दोपहर 01 : 00 से शाम 04 : 30 बजे तक  चिकित्सा परामर्श (opd)

       शाम   05 : 00 से 06 : 00 बजे तक खेती सम्बन्धी मार्गदर्शन 

       संपर्क : 8380027016 / 17 (सोमवार से शनिवार 11 से 6  बजे तक )

                  9737732256 / 9409013046 (अलारसा के भाई  )

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